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अब 'वापसी' के लिए महल छोड़ेंगे 'महाराज' ज्योतिरादित्य सिंधिया!

विकास सिंह
भोपाल। लोकसभा चुनाव में अपनी परंपरागत सीट गुना-शिवपुरी से पहली बार हार का सामना करने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया अब बदले-बदले से नजर आ रहे हैं। राजनीति में अब तक कार्यकर्ताओं के बीच 'महाराज' के नाम से संबोधित किए जाने वाले सिंधिया अब अपनी इस छवि को तोड़ने की कोशिश में लगे हुए दिखाई दे रहे हैं
 
अपनी राजनीति की शुरुआत से अब तक अपने ग्वालियर स्थित जय विलास पैलेस के रानी महल में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने वाले सिंधिया अब पहली बार कार्यकर्ताओं से मिलने ग्वालियर के जिला कांग्रेस दफ्तर पहुंचेंगे।
 
तय कार्यक्रम के अनुसार सिंधिया 17 जुलाई को दो दिन के दौरे पर ग्वालियर पहुंचेगे, जहां उनका शाम को जिला कांग्रेस दफ्तर पहुंचने का भी कार्यक्रम है। यह पहला मौका होगा जब सिंधिया कांग्रेस दफ्तर पहुंचेंगे। अपने महाराज को कांग्रेस दफ्तर में आने से कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है। इससे पहले अपने ग्वालियर दौरे के समय सिंधिया अपने जय विलास पैलेस में ही कार्यकर्ताओं से मिलते आ रहे हैं। 
 
वंशवाद की टीस : इससे पहले भोपाल दौरे पर आए ज्योतिरादित्य सिंधिया से जब मीडिया ने वंशवाद को लेकर सवाल पूछा तो सिंधिया ने साफ कहा कि जनता ने वंशवाद वालों को जिताया और कई वंशवाद वालों को हराया भी, उनमें एक मैं भी हूं।
 
मीडिया के सवाल पर सिंधिया ने साफ कहा कि उनमें जरुर कुछ कमी रही होगी, तभी ऐसा नतीजा आया। सिंधिया ने कहा कि वे राजनीति में बैकफुट पर नहीं फ्रंटफुट पर खेलते हैं, इसलिए अपनी कमियों को ढूंढेंगे और फिर से एक बार विश्वास हासिल करेंगे।
 
छवि बदलने की कोशिश : पिछले दिनों भोपाल दौरे के समय भी सिंधिया अपनी महाराज वाली छवि बदलने की कोशिश करते हुए दिखाई दिए। अपने व्यस्त एक दिन के दौरे से समय निकालकर सिंधिया अचानक भोपाल के उस चर्चित कॉफी हाउस में पहली बार पहुंचे, जहां अब तक पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय और शिवराज सिंह चौहान ही पहुंचते थे।
 
इस दौरान सिंधिया ने जहां छोटे-छोटे बच्चों के साथ सेल्फी खिंचवाई वहीं लोगों के साथ चर्चा भी की। इस दौरान सिंधिया एकदम अलग ही अंदाज में नजर आए।

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