Dharma Sangrah

शिवराज को घेरने वाले नेता रह गए बेटिकट, अब बढ़ाएंगे कांग्रेस की मुसीबत

विशेष प्रतिनिधि
बुधवार, 14 नवंबर 2018 (12:09 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में पांच साल शिवराज सरकार को घेरने वाले आंदोलनकारी नेता इस बार चुनाव लड़ने की चाहत मन में रखे हुए थे। सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले इन नेताओं को कांग्रेस ने इनके आंदोलन के समय कभी पर्दे के आगे तो कभी पर्दे के पीछे जाकर खूब सपोर्ट किया था। 
 
जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आता गया इन नेताओं में विधायक बनने की इच्छा भी बढ़ती गई। चुनाव से ठीक पहले टिकट पाने की जुगाड़ में ये नेता खुलकर कांग्रेस के साथ आ गए। चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं में रतलाम से पूर्व विधायक और व्यापम में सरकार को घेरने वाले पारस सकलेचा, इंदौर के व्हिसल ब्लोअर आनंद राय, मालवा में किसान आंदोलन के दौरान तेजी से किसान नेता के रूप में उभरे केदार सिरोही और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के खिलाफ मोर्चा खोलेने वाले नेता अर्जुन आर्य शामिल थे।
 
ये सभी नेता कांग्रेस से टिकट की आस लगाकर बैठे थे। इन नेताओं को कांग्रेस ने टिकट का भरोसा दिया था, लेकिन जब टिकट बंटवारे की बात आई तो कांग्रेस ने इन सभी से किनारा कर लिया। कभी कांग्रेस की तारीफ करने वाले ये नेता बदले हालात में अब कांग्रेस पर ही निशाना साध रहे हैं। 
 
आनंद राय : व्यापम में शिवराज सरकार को सबसे अधिक घेरने वाले व्हिसिल ब्लोअर आनंद राय चुनाव में इंदौर 5 सीट से कांग्रेस से टिकट की दावेदारी कर रहे थे, लेकिन कांग्रेस ने उनको मौका न देकर इस सीट से सत्यनारायण पटेल को चुनाव मैदान में उतारा। टिकट नहीं मिलने के बाद आनंद राय कांग्रेस पर हमलावर हो गए हैं। राय ने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं पर निशाना साधते हुए विश्वासघात करने का आरोप लगाया है।
 
पारस सकलेचा : व्यापम सहित कई मुद्दों पर शिवराज सरकार के लिए मुश्किल खड़ी करने वाले पूर्व निर्दलीय विधायक पारस सकलेचा 2015 में कांग्रेस में शामिल हुए। पारस सकलेचा को कांग्रेस ने टिकट का आश्वासन भी दिया था, जिसके बाद पारस सकलेचा ने अपनी तैयारी भी शुरू कर दी थी, लेकिन पार्टी ने पारस सकलेचा को टिकट नहीं दिया। नाराज सकलेचा अब कांग्रेस के खिलाफ मुखर हो गए हैं। 
 
अर्जुन आर्य : मुख्यमंत्री शिवराजसिंह के खिलाफ उनके घर बुधनी में मोर्चा खोलने वाले नेता अर्जुन आर्य को समाजवादी पार्टी ने बुधनी से विधानसभा का टिकट दिया था, लेकिन अर्जुन आर्य समाजवादी पार्टी का टिकट लौटाकर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। अर्जुन आर्य ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह के सामने बुधनी से चुनाव लड़ने की इच्छा भी जताई थी। टिकट का भरोसा मिलने के बाद अर्जुन ने चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था, लेकिन पार्टी ने चुनाव के समय इस सीट से अरुण यादव को चुनाव मैदान में उतार दिया। 
 
केदार सिरोही : किसान आंदोलन के समय मालवा में किसान नेता के रूप में उभरे केदार सिरोही की मालवा निमाड़ में किसानों के बीच अच्छी पकड़ मानी जाती है। सिरोही को चुनाव के समय किसान वोट बैंक को साधने के लिए कांग्रेस ने पार्टी में शामिल कर लिया। केदार चुनाव लड़ना भी चाह रहे थे, लेकिन पार्टी ने उनको मौका नहीं दिया।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

प्रधानमंत्री मोदी नहीं जाएंगे ढाका, रहमान के शपथ समारोह में नहीं होंगे शामिल, जानिए कौन करेगा भारत का प्रतिनिधित्‍व

टीपू सुल्तान और शिवाजी महाराज की तुलना पर विवाद, क्या बोले सीएम फडणवीस?

ऑनलाइन गेमिंग को क्यों नहीं समझना चाहिए 'बच्चों का खेल'?

इमरान खान की आंखें हुईं खराब, अस्‍पताल ले जाने की तैयारी, क्या कहती है मेडिकल रिपोर्ट?

गलत जांच रिपोर्ट लगाने वालों पर दर्ज हो FIR, जनता दर्शन कार्यक्रम में दिखे योगी के तेवर

सभी देखें

नवीनतम

उत्‍तर प्रदेश के राम मंदिर का वैभव पहुंचा 7 समंदर पार, 20 फरवरी को मॉस्को में होगी भव्य रामलीला

प्रियांक खरगे बोले — RSS शैतान, भाजपा उसकी छाया; फंडिंग पर उठाए सवाल

SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी पर सख्त हुआ चुनाव आयोग, पश्चिम बंगाल के 7 अफसर सस्पेंड

LIVE: पीएम मोदी करेंगे AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन

सम्राट विक्रमादित्य के सम्मान में स्थापित होगा देश का सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्‍ट्रीय अलंकरण सम्मान : मोहन यादव

अगला लेख