Hanuman Chalisa

बागी नेताओं को मनाने के लिए भाजपा ने बनाया प्लान, शिवराज ने संभाला मोर्चा!

विशेष प्रतिनिधि
मंगलवार, 30 अक्टूबर 2018 (14:44 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा में टिकट को लेकर इस बार जितना घमासान मचा है, इतना शायद पहले कभी देखने को नहीं मिला। एक सप्ताह से टिकट के दावेदारों को पार्टी दफ्तर के बाहर अपना शक्ति प्रदर्शन करना आम बात हो गई है। नेता चाहे बडा़ हो या छोटा सभी ने पार्टी के नेताओं पर दबाव बनाने के लिए शक्ति प्रदर्शन का सहारा लिया।
 
नेता के समर्थक बैनर और झंडे लेकर पार्टी दफ्तर के बाहर और अंदर प्रदर्शन करते देखे जा रहे थे। पार्टी दफ्तर के अंदर जब चुनाव समिति की बैठक चल रही होती थी तो बाहर टिकट के दावेदारों के समर्थक नारे लगा रहे होते थे। इतना ही नहीं, जैसे ही पार्टी के बड़े नेता पार्टी दफ्तर पहुंचते टिकट के दावेदार उनको घेर लेते और अपना बायोडाटा सौंपेने लगते हैं।
 
कुछ ऐसे ही हालतों का सामना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी पार्टी दफ्तर में लगातार दो दिन रविवार और सोमवार को करना पड़ा। ऐसे में दावेदारों को संभालने और समाझाइश देने का मोर्चा खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संभाला।
 
प्रदेश कार्यालय में जब टिकट के दावेदार नेताओं ने मुख्यमंत्री को घेर कर उनसे टिकट की मांग करने लगे तो मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मैं टिकट दे पांऊ या न दे पांऊ, लेकिन आप से प्यार बहुत करता हूं'। मुख्यमंत्री के इतना कहते ही टिकट के दावेदार नेताओं ने शिवराज का हाथ जोड़कर अभिवादन करने के साथ ही हर हाल में पार्टी के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
 
इसके बाद मुख्यमंत्री पार्टी दफ्तर में कई टिकट के दावेदारों से मिलकर टिकट बंटवारे से पहले डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की। इसके साथ मुख्यमंत्री ने टिकट के दावेदार कई पूर्व विधायकों से अकेले में बात कर पार्टी की पूरी रणनीति को समझाया, वहीं टिकट के बंटवारे के बाद होने वाले संभावित विरोध को देखते हुए पार्टी ने विशेष प्लान बनाया है।
 
इस बार टिकट कटने पर बागी होने वाले विधायकों को मनाने के लिए खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मोर्चा संभालेंगे। ये सभी नेता बागी और विरोध करने वाले विधायकों को समझाइश देने के साथ उनके टिकट कटने का कारण भी बताएंगे।
 
इसके साथ ये भी समझाने की कोशिश करेंगे कि इस बार सरकार बनना उनका पहला लक्ष्य होना चाहिए। बाद में सरकार बनने पर टिकट न मिलने वाले सभी नेताओं को कहीं न कहीं एडजस्ट किया जाएगा। दूसरी ओर भाजपा में टिकट को लेकर जितनी टेंशन इस बार दिख रही है, उससे इतना तो तय है कि इस बार टिकट बंटने के बाद पार्टी नेताओं को डैमेज कंट्रोल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

Iran Protests : ईरान से भारतीयों को एयरलिफ्ट करेगी सरकार, 16 जनवरी से शुरू हो सकता है ऑपरेशन

Indian Coast Guard की बड़ी कार्रवाई, भारतीय समुद्री सीमा में घुसी पाकिस्तानी नाव जब्त, 9 क्रू सदस्य हिरासत में

बिकनी इमेज बनाने से Grok AI का इंकार, imaginary characters पर नहीं लागू हुआ नियम, क्या बोले Elon Musk

हिमाचल में भीषण अग्निकांड, LPG सिलेंडर में हुआ विस्‍फोट, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत

नीदरलैंड के महापौर नागपुर की गलियों में खोज रहे अपनी मां, 41 साल पहले इस घटना ने कर दिया था अलग

सभी देखें

नवीनतम

गोरखनाथ मंदिर में मुख्‍यमंत्री योगी ने 200 लोगों से की मुलाकात, समस्याएं सुन दिए निर्देश

अमरकंटक सेंट्रल यूनिवर्सिटी में असम के रिसर्च छात्र से मारपीट, नस्लीय भेदभाव का आरोप, सीएम ने दिए जांच के आदेश

अधजले नोटों का मामला, सुप्रीम कोर्ट का जस्टिस यशवंत वर्मा को झटका, याचिका खारिज

मिडिल ईस्ट में बड़ी राहत, इस तरह रुका ईरान और अमेरिका के बीच संभावित युद्ध

LIVE: Maharashtra CIVIC POLLS RESULTS मुंबई में पहली बार बनेगा भाजपा का मेयर, नागपुर में वापसी

अगला लेख