Festival Posters

तीसरे मंगला गौरी व्रत पर के दिन क्या करना चाहिए, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त

WD Feature Desk
मंगलवार, 29 जुलाई 2025 (10:30 IST)
Mangala Gauri Vrat: आज, 29 जुलाई 2025, मंगलवार को तीसरा मंगला गौरी व्रत रखा जा रहा है। यह पर्व माता पार्वती को समर्पित है और मंगला गौरी व्रत को अखंड सौभाग्य, पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति के लिए रखा जाता है। आज तृतीय मंगला गौरी व्रत के साथ नागपंचमी का भी शुभ संयोग बन रहा है। यहां जानते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त और इस अवसर पर क्या करें...ALSO READ: तीसरे मंगला गौरी व्रत का क्या है महत्व और 3 अचूक उपाय
 
मंगला गौरी व्रत 2025 शुभ मुहूर्त:
 
तीसरे मंगला गौरी व्रत के लिए शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
 
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:47 से 05:30 बजे तक
 
अभिजित मुहूर्त: सुबह 12:19 बजे से दोपहर 01:11 बजे तक
 
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:55 बजे से 03:47 बजे तक
 
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:15 बजे से 07:37 बजे तक
 
अमृत काल: सुबह 11:42 बजे से दोपहर 1:25 बजे तक
 
रवि योग: शाम 07:27 से सुबह 06:15 बजे तक, जुलाई 30।
 
आप अपनी सुविधानुसार इन शुभ मुहूर्तों में पूजा कर सकते हैं।
 
इस दिन आपको निम्नलिखित कार्य करने चाहिए:
 
सुबह स्नान और संकल्प: 
- मंगलवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- मां मंगला गौरी (माता पार्वती) का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
 
पूजा की तैयारी:
- अपने घर के मंदिर को अच्छे से साफ करें।
- एक चौकी पर सफेद और फिर लाल वस्त्र बिछाकर मां मंगला गौरी (पार्वती जी) की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- पूजा सामग्री एकत्र करें। मंगला गौरी व्रत में 16 की संख्या का विशेष महत्व होता है, इसलिए कोशिश करें कि सभी सामग्री 16 की संख्या में हों, जैसे:
- 16 मालाएं
- 16 लौंग, 16 सुपारी, 16 इलायची
- 16 फल, 16 पान के पत्ते
- 16 लड्डू या अन्य मिठाई
- सुहाग की सामग्री (सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी, मेहंदी, काजल, महावर, चुनरी आदि)
- 5 प्रकार के मेवे और 7 प्रकार का अन्न
- कपास, धूप, देसी घी, लाल वस्त्र
- गंगाजल और शुद्ध जल
- घर पर बना भोग (जैसे खीर)
 
पूजा विधि:
- सबसे पहले आटे का एक दीपक बनाएं और उसमें 16 बातियां (रुई की बत्तियां) और देसी घी डालकर जलाएं।
- मां मंगला गौरी का गंगाजल से अभिषेक करें।
- फिर उन्हें लाल रंग के वस्त्र अर्पित करें।
- मां को सिंदूर, कुमकुम, अक्षत, हल्दी और शहद आदि अर्पित करें।
- कमल के फूलों की माला चढ़ाएं।
- 'ॐ मंगलाय नमः' या 'सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।' मंत्र का जाप करें।
- माता मंगला गौरी का षोडशोपचार पूजन करें।
- भगवान शिव की भी पूजा करें। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, चंदन, गंगाजल आदि चढ़ाएं।
- मंगला गौरी व्रत की कथा सुनें या पढ़ें। कथा के बिना व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।
- पूजा के बाद घर-परिवार के लोगों को प्रसाद दें।
- जरूरतमंद लोगों को धन और अनाज का दान करें।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: मंगला गौरी व्रत पर के दिन क्या करना चाहिए, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

सूर्य का मकर राशि में गोचर, 12 राशियों का राशिफल, किसे होगा लाभ और किसे नुकसान

2026 में इन 4 राशियों का होगा पूरी तरह कायाकल्प, क्या आप तैयार हैं?

शाकंभरी माता की आरती हिंदी– अर्थ, लाभ और पाठ विधि | Shakambari mata ki aarti

Basant Panchami 2026: वर्ष 2026 में बसंत पंचमी का त्योहार कब मनाए जाएगा

क्या सच में फिर से होने वाला है ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ, क्या कहती है भविष्यवाणी

सभी देखें

धर्म संसार

शनिवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम, 12 अचूक उपाय आजमाएंगे तो खुल जाएगी किस्मत: shaniwar ke upay

17 January Birthday: आपको 17 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 17 जनवरी 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

बसंत पंचमी पर बन रहे हैं दुर्लभ योग संयोग, शुभ कार्यों के लिए है अबूझ मुहूर्त

बिजनौर: हनुमान मूर्ति के चारों ओर 4 दिन से घूम रहा कुत्ता, आस्था या कोई संकेत? Video

अगला लेख