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लेफ्ट हैंडर्स डे कब और क्यों मनाया जाता है, जानें कारण, इतिहास और महत्व

WD Feature Desk
बुधवार, 13 अगस्त 2025 (09:53 IST)
Left-Handers Day: हर साल 13 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय लेफ्ट हैंडर्स डे क्यों मनाया जाता है? जानें बाएं हाथ से काम करने वाले लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों और उनकी खासियतों के बारे में। इस लेफ्ट हैंडर्स डे पर जानें इस दिन के महत्व और इतिहास के बारे में...ALSO READ: 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर दिल को छू जाने वाली 15 सकारात्मक और प्रभावशाली देशभक्ति की शायरियां

'लेफ्ट हैंडर्स डे' हर साल 13 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन उन सभी लोगों को समर्पित है जो अपने बाएं हाथ से काम करते हैं। दुनिया दाहिने हाथ वालों के अनुसार बनी है- चाहे वो कैंची हो, डेस्क हो, दरवाज़े हों या लेखन शैली। इस दिन का उद्देश्य यह है कि समाज 'लेफ्ट हैंडर्स की ज़रूरतों और समस्याओं' को समझे, इसी मकसद के साथ यह दिन दुनियाभर में मनाया जाता है।
 
क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय लेफ्ट हैंडर्स डे? जानें इसे मनाने के पीछे मुख्य कारण और महत्व:
 
1. जागरूकता बढ़ाना: यह दिन बाएं हाथ से काम करने वाले लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। दुनिया में अधिकांश उपकरण, जैसे कैंची, नोटबुक, गिटार और यहां तक कि कम्प्यूटर माउस भी दाएं हाथ से काम करने वाले लोगों के लिए बनाए जाते हैं, जिससे बाएं हाथ से काम करने वालों को अक्सर परेशानी होती है।
 
2. भेदभाव को खत्म करना: कुछ समाजों में, बाएं हाथ से काम करने वाले लोगों को आज भी अजीब या अशुभ माना जाता है। इस दिन का उद्देश्य इस तरह की हीनभावना और भेदभाव को खत्म करना है।
 
3. उनकी विशिष्टता का जश्न: दुनिया की आबादी का लगभग 10-12% हिस्सा ही बाएं हाथ से काम करता है। इस दिन को उनकी रचनात्मकता, बहु-प्रतिभा और विशिष्टता का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है।

इतिहास: यह दिन 1976 में डीन आर. कैंपबेल द्वारा शुरू किया गया था, जो लेफ्ट-हैंडर्स क्लब के संस्थापक थे। इस दिन का उद्देश्य दुनिया को यह बताना है कि बाएं हाथ से काम करने वाले लोग किसी भी मायने में दाएं हाथ से काम करने वालों से अलग नहीं हैं। पहली बार यह दिवस 1976 में मनाया गया था और इसे आधिकारिक रूप से 1992 में 'Left Handers Club' द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी गई।
 
Left Handers Day सिर्फ एक मज़ेदार दिन नहीं, यह एक समझ, सम्मान और स्वीकृति का प्रतीक है। यह बताता है कि हर हाथ, चाहे दायां हो या बायां, महत्वपूर्ण और सम्मान के योग्य है। अत: सभी के लिए बाएं हाथ भी उतना ही महत्वपूर्ण हैल जितना भी दायां हाथ है।

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