khatu shyam baba

बाल गीत : गांव हमारा

प्रभुदयाल श्रीवास्तव
सोमवार, 17 जून 2024 (17:51 IST)
गांव हमारा प्यारा सुंदर,
चारों तरफ छाई हरियाली।
बीच गांव में से बहती है,
एक नदी नीले जल वाली।
 
सड़कें सब चौड़ी-चौड़ी हैं,
लगे किनारे सुंदर तरुवर।
बने घोंसले इन तरुओं पर,
पंछी इनमें रहते आकर।
 
सारे के सारे घर पक्के,
बने यहां के हवादार हैं।
कहीं नहीं है यहां प्रदूषण,
बच्चे-बच्चे समझदार हैं।
 
एक तरफ है पर्वत ऊंचा,
उसकी बड़ी शोभा निराली।
सूर्योदय के समय भोर में,
फूल नाचते, गाती डाली।
 
ऐसा सुंदर गांव हमारा,
हमको लगता बहुत भला है।
सच में है सौभाग्य हमारा,
हमको रहने यहां मिला है।

(यहां पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

नमक, थोड़ा ही सही पर हर जगह जरूरी

होली पर लघुकथा: स्मृति के रंग

Holi Essay: होलाष्टक, होलिका दहन और धुलेंड़ी पर हिन्दी में रोचक निबंध

चेहरा पड़ गया है काला और बेजान? सर्दियों में त्वचा को मखमल जैसा कोमल बनाएंगे ये 6 जादुई टिप्स

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

सभी देखें

नवीनतम

क्या एक पुत्र भी गुरु हो सकता है? माता देवहूति का अद्भुत जीवन

अविश्वास प्रस्ताव बनाम सब्सटेंसिव मोशन

क्या एलियंस हैं? अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप हटाएंगे रहस्य से पर्दा, सामने आएंगी सीक्रेट फाइल्स

संत दादू दयाल जी कौन थे? उन्होंने कौन सा आंदोलन चलाया था?

Tortoise Vastu: कौनसा कछुआ देगा शुभ फल तांबे या क्रिस्टल का? जानें अपनी मनोकामना के अनुसार सही कछुआ चुनने का तरीका

अगला लेख