Hanuman Chalisa

लाल किताब के अनुसार शहद के 10 चमत्कारिक प्रयोग

अनिरुद्ध जोशी
शहद एक ऐसी एंटीबायोटि‍क औषधि है, जो पूर्णत: प्राकृतिक है। सेहत और सुंदरता के लिए शहद का प्रयोग किया जाता है, लेकिन हम आपको बता रहे हैं इसके 10 ऐसे उपाय जिसका उल्लेख लाल किताब और ज्योतिष शास्त्रों में मिलता है। हालांकि उपाय तो और भी है। इन उपायों को किसी विशेषज्ञ से पूछकर ही आजमाएं।
 
 
1.शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या कुंडली में शनि नीच का होकर बुरे फल दे रहा है तो घर में एक मिट्टी के पात्र में शहद रखना चाहिए और मंदिर में शहद का दान करना चाहिए। इससे शनि के बुरे फल मिलना बंद हो जाएंगे। घर में शहद रखने और खाने से शनि शांत रहता है।
 
 
2.चतुर्थ भावस्थ मंगल यदि अशुभ हो, तो शहद का व्यापार कदापि न करें। मंगल चौथे भाव में मंदा होकर बैठा हो तो इसकी शुभता के लिए मिट्टी के बर्तन में शहद भरकर उसे शमशान भूमि में दबा देना चाहिए।
 
 
3.पहले भाव में सूर्य हो तो रविवार के दिन शहद का दान करना चाहिए। इससे उसके बुरे प्रभाव दूर होकर व्यक्ति को बहुत लाभ मिलता है।
 
 
4.आठवें भाव में बुध ग्रह के अशुभ परिणामों को कम करने के लिए मट्टी के घड़े में शहद भरकर शमशान-भूमि में दफन करना शुभ बताया गया है। बुध के खराब होने से व्यापार, नौकरी में नुकसान होता है।
 
 
5.आपकी कुंडली में दशम भाव में केतु हो तो चांदी के बर्तन में शहद भर कर घर में रखें। इससे केतु के बुरे प्रभाव समाप्त हो जाएंगे।
 
 
6.यदि शुक्र बुरे फल दे रहा हो तो चांदी या मिट्टी के बर्तन में शहद भरकर घर की छत पर उचित स्थान पर सुरक्षित रख दें। शुक्र के खराब होने से स्त्री, धन, भूमि, वाहन और भवन सुख से व्यक्ति वंचित रह जाता है।
 
 
7.बारहवें भाव में मंगल हो तो दिन की शुरुआत शहद के साथ करेंगे तो लाभ होगा। व्यय भाव में जब मंगल अशुभता लिए हुए हो, तो जातक नित्य सुबह खाली पेट शहद का सेवन करना चाहिए। जन्म कुण्डली के बारहवें भाव में मंगल मंदा होकर बैठा है तो जल में शहद मिलाकर लोगों को पिलाना चाहिए।
 
 
8.मंगल की शांति के लिए बहते पानी में शहद बहाएं।
 
 
9.कुंडली के दूसरे भाव में यदि शुक्र बैठा है तो शहद का दान करना चाहिए। इससे मंगल का उपाय होता है जो कि संतान की समस्या दूर करता है। अगर जातक स्त्री हो तो शुक्र संतान की समस्या देता है जबकि जातक के पुरुष होने पर पुत्र संतान की प्राप्ति में बाधा उत्पन्न होती है।
 
 
10.नौवें भाव में यदि शुक्र अच्छा नहीं है तो जातक को कड़ी मेहनत से धन कमाना पड़ता है। अच्छा है तो चिंता की बात नहीं। नौवें भाव में शुक्र बुरा हो तो घर की नींव में शहद दबाएं।
 
 
नोट- शहद की प्रकृति गर्म होती है, इसलिए गर्म तासीर के लोगों को इसके अत्यधिक प्रयोग से बचना चाहिए। 
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

Rang Panchami 2026: रंगपंचमी का महत्व और कथा

Happy Holi Wishes 2026: रंगों के त्योहार होली पर अपनों को भेजें ये 10 सबसे मंगलकारी शुभकामनाएं

क्या भारत को भी युद्ध में धकेलेगा खग्रास चंद्र ग्रहण, क्या कहते हैं ग्रह गोचर

होलिका दहन: शाप, वरदान और अनन्य भक्ति की विजय

Rang Panchami 2026: किस देवता को कौन-सा रंग चढ़ाने से मिलती है कृपा? जानिए पूजा विधि

सभी देखें

नवीनतम

हिंदू नववर्ष 2083 के कौन है वर्ष का राजा और मंत्री, किन राशियों पर रहेगा शुभ प्रभाव

विक्रम संवत सबसे प्राचीन होने के बाद भी भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर क्यों नहीं बना? जानिए 3 बड़े कारण

Kharmas March 2026: खरमास कब से हो रहा है प्रारंभ, क्या महत्व है इसका?

Sheetala puja 2026: शीतला सप्तमी और अष्टमी: जानें तिथि, महत्व, पूजा विधि और धार्मिक मान्यता

Sheetala Mata Puja 2026: कब है शीतला अष्टमी का त्योहार? जानिए तिथि, महत्व और पूजा विधि

अगला लेख