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बाल कविता : नन्हीं चींटी ड्रेस में

प्रभुदयाल श्रीवास्तव
पेंट शर्ट और जूते पहने,
पहुंच गई वह शाला।
पर टीचर मैडम को उसने,
पसोपेश में डाला।
 
ऊपर से नीचे जूतों तक,
ड्रेस पड़ी दिखलाई।
कौन पहनकर इसे खड़ा है,
मैडम समझ न पाई।
 
ड्रेस बहन, अपना परिचय दो,
किस कारण से आई।
'मैडम मैं नन्हीं चींटी हूं,
ड्रेस पहनकर आई।'

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