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पोर्न से कुछ इस तरह बर्बाद हो रही है जिंदगी...कुछ आंकड़े

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि पोर्न अन्य किसी ड्रग की तरह नशा है। इसके आदी लोग अन्य ड्रग के आदी लोगों जैसे व्यवहार करते हैं। पोर्न के आदी लोग रेगुलर पोर्न देखते हैं। कुछ ऐसे आंकड़े हैं जो पोर्न के बारे में आपको चौंका देंगे और चिंता में भी डाल देंगे। 
पोर्न देखने वालों की संख्या नेटफ्लिक्स, ट्विटर और एमेजान मिलाकर इस्तेमाल करने वालों से भी अधिक है। सभी तरह के पोर्न देखने में चाइल्ड पोर्न देखने वाले सबसे अधिक हैं। यह पोर्न इंडस्ट्री में सबसे अधिक तेजी से बढ़ रहा बिजनेस है। टीन पोर्न इंटरनेट पर सबसे अधिक सर्च की जाती है। 70 प्रतिशत लड़के 10 साल की उम्र से पोर्न देखने लगते हैं। 
 
पोर्न को सही गलत पर न भी तोला जाए तब भी इसे देखने वालों में कई तरह के मानसिक बदलाव आते हैं। पोर्न देखने से लोगों की भावनाएं खत्म होती हैं। हर क्लिप के साथ अलग पार्टनर के साथ सेक्स देखने की आदत पड़ती है। जानिए पोर्न लोगों के दिमाग में कैसे बदलाव करती हैं। 
 
1. पोर्न का असर जहरीला है, कोकीन की तरह : जैसे कोकिन शरीर में जाकर दिमाग के एक खास हिस्से पर प्रभाव छोड़ती है उसी तरह पोर्न भी आपके दिमाग पर असर छोड़ती है। अंतर सिर्फ इतना है कि कोकीन एक बार में ही असर दिखाती है और पोर्न के कई डोज के बाद फर्क पड़ता है। 
 
2. सेक्स की इच्छाओं में बदलाव लाती है : पोर्न देखने के बाद लोग ऐसी गतिविधियां भी करना चाहते हैं जो प्राकृतिकतौर पर उनके दिमाग और मनोवृत्ति का हिस्सा नहीं। चाहे वह जानवरों के साथ, कई लोगों के साथ हो या कष्टकारी सेक्स हो। 
 
अगले पेज पर कैसे पोर्न से होता है सेक्स प्रभावित... 

3. काम और नींद पर बुरा प्रभाव : पोर्न की लत लग जाने के बाद, काम और नींद बुरी तरह से प्रभावित होते हैं। कुछ केसों में तो लोग अपने परिवार को भी कम समय देने लगते हैं। कई ऐसे केस हैं जब लोग अपनी पत्नी से बात सिर्फ इसलिए बंद कर देते हैं क्योंकि उसने पोर्न की बुराई की। 
4. पोर्न चाहने वाले ऐसी चीजें देखते हैं जिन्हें नहीं देखा जाना चाहिए : कुछ चीजें और गतिविधियां टैबु होती हैं। जिन पर न तो बात की जाती है और न ही उन्हें करके देखा जाता है। रेगूलर पोर्न देखने वाले लोग, ऐसी चीजें पहले तो देखते हैं और फिर इन्हें करके देखना चाहते हैं। भले ही उनके स्वभाव का यह हिस्सा न हो। 
 
5. आपसी संबंधों में मुश्किल आती है : लोग प्यार दिखाने की हरकतें लगभग भूल ही जाते हैं क्योंकि पोर्न में यह सब नहीं दिखाया जाता। 
 
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6. पोर्न के असर से बचने में मदद : ऑनलाइन ऐसी कम्यूनिटी है जो लोगों की पोर्न से बाहर निकलने में मदद करती है। लोगों को अहसास है कि पोर्न एक आदत बन जाती है यही वजह है कि ऑनलाइन इस तरह की कम्यूनिटी चल रही हैं। 
 
7. सेक्सुअल ट्रांस्मिटेड डिजिज (एसटीडी) से ग्रस्त लोग : पोर्न से बीमारी नहीं होती परंतु फिर भी 38 प्रतिशत महिलाएं और 45 प्रतिशत पुरूष, जो पोर्न देखते हैं एसटीडी से ग्रस्त होते हैं। वजह यह है कि अधिकतर लोग जो पोर्न देखने के आदी हैं गैरजिम्मेदाराना सेक्स करते हैं और इन बीमारियों का शिकार बन जाते हैं। 
 
8. बच्चों के दिमाग में गलत सोच डालना : बच्चे पोर्न देखकर गलत सोच का शिकार हो जाते हैं। सेक्स के कई ऐसी गतिविधियां हैं जिन्हें पोर्न में सामान्यतौर पर दिखाया जाता है लेकिन असल जिंदगी में लोग वैसा नहीं करते। इस बात से अंजान बच्चे इस तरह की चीजों के अनुभव को आतुर हो जाते हैं।  
 

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